Friday, 24 July 2015

युग तुलसी श्री रामकिंकर उवाच्...........

वैसे तो बन्दरों ने भगवान राम को पहले ही पा लिया था, पर श्रीराम को पाने के बाद भी राम-राज्य तब बना जब रावण का नाश हुआ और सीताजी लंका से लौटायी गयीं। इसका तात्पर्य यह है कि जीवन में परिपूर्णता ईश्वर की उपस्थिति से ही नहीं आती, बल्कि तब आती है जब समस्त दुर्गुणों के विनाश के पश्चात चरम शांति की उपलब्धि होती है। तभी व्यक्ति के जीवन में समग्रता आती है। इसलिए राम को पाने के बाद भी दुर्गुणों से लड़ना होगा, लंका में युद्ध करना होगा और बंदर यह कार्य करते हैं। श्री सीताजी और श्रीराम का मिलन होता है, तब राम-काज पूरा होता है।

No comments:

Post a Comment