आप जिस कक्षा में हैं उसी के अनुसार उत्तर दीजियेगा तब तो पास होंगे लेकिन अगर कहीं दूसरी कक्षा का उत्तर आपने दे दिया, तब आप उत्तीर्ण नहीं होंगे । भले ही वह उत्तर कितना भी बढ़िया क्यों न हो । जैसे 'क' अक्षर है । तो प्रथम कक्षा में पढ़ाया जायेगा कि 'क' का अर्थ है 'कबूतर' । और आगे पढ़िए तो बताया जाता है कि 'क' अर्थ है 'जल' । 'कमल' शब्द भी इसी 'क' से बना हुआ है । और आगे चलकर कहा गया कि 'क' माने 'ब्रह्म' । इस प्रकार 'क' का अन्तिम अर्थ है 'ब्रह्म' । पहली कक्षा के विद्यार्थी ने कहीं से सुन लिया कि 'क' माने 'ब्रह्म' । और अगर अध्यापक जी के 'क' माने पूछने पर उसने कह दिया - 'ब्रह्म' तो गुरुजी पास करेंगे कि फेल ? वह तो जब कबूतर कहेगा तभी पास होगा, ब्रह्म - ब्रह्म कहने पर पास नहीं होगा । और भई ! कबूतर से ब्रह्म तक पहुँचने में तो समय लगेगा । इसलिए पहले कबूतर तो समझ लें ।
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