Thursday, 27 April 2017

युग तुलसी श्री रामकिंकर उवाच .......

उपयुक्त मार्ग के विषय में भगवान राम के द्वारा महर्षि भरद्वाज से किया जाना प्रश्न मानो हमारे आपके जीवन का शाश्वत प्रश्न है । व्यक्ति के जीवन में यह जिज्ञासा है कि मेरा उपयुक्त मार्ग कौन सा है ? भगवान राम भी जब यह जिज्ञासा करते हैं, तब महर्षि भरद्वाज के द्वारा दिया गया उत्तर बड़ा ही सार्थक है । वे कहते हैं कि वस्तुतः साधारण व्यक्ति के लिए तो किसी एक मार्ग का चुनाव करना आवश्यक है, लेकिन तुम्हारे लिए तो सभी मार्ग सुगम हैं । और सचमुच भगवान श्रीराघवेन्द्र ने अपनी विविध यात्राओं के माध्यम से जीवन-पथ का जो स्वरूप प्रस्तुत किया, उस पर चलने की जो पद्धति व्यक्ति को बतायी, उसको यदि व्यक्ति ठीक-ठीक ह्रदय में धारण कर ले, तो गोस्वामीजी उसे आश्वासन देते हैं कि भगवान राम के पथिक रूप का ध्यान करने से लाभ ही लाभ होगा ।

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