उपयुक्त मार्ग के विषय में भगवान राम के द्वारा महर्षि भरद्वाज से किया जाना प्रश्न मानो हमारे आपके जीवन का शाश्वत प्रश्न है । व्यक्ति के जीवन में यह जिज्ञासा है कि मेरा उपयुक्त मार्ग कौन सा है ? भगवान राम भी जब यह जिज्ञासा करते हैं, तब महर्षि भरद्वाज के द्वारा दिया गया उत्तर बड़ा ही सार्थक है । वे कहते हैं कि वस्तुतः साधारण व्यक्ति के लिए तो किसी एक मार्ग का चुनाव करना आवश्यक है, लेकिन तुम्हारे लिए तो सभी मार्ग सुगम हैं । और सचमुच भगवान श्रीराघवेन्द्र ने अपनी विविध यात्राओं के माध्यम से जीवन-पथ का जो स्वरूप प्रस्तुत किया, उस पर चलने की जो पद्धति व्यक्ति को बतायी, उसको यदि व्यक्ति ठीक-ठीक ह्रदय में धारण कर ले, तो गोस्वामीजी उसे आश्वासन देते हैं कि भगवान राम के पथिक रूप का ध्यान करने से लाभ ही लाभ होगा ।
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