........कल से आगे ........
सिर कटने का तात्पर्य क्या है ? बुद्धि की नासमझी, भ्रम एवं मोह। अगर समाज और व्यक्ति की बुराई के मिटाना है तो उसकी नासमझी, भ्रम तथा मोह को काट देना होगा, लेकिन समस्या यह थी कि जब भगवान राम रावण का सिर काटते थे, तो ऐसा नहीं था कि उसका कोई प्रभाव न होता हो, रावण का सिर काटकर गिर जाता था, पर अगले ही क्षण बड़ा आश्चर्यजनक दृश्य सामने आता था। रावण को नया सिर निकल आता था और हमारे आपके जीवन का भी यही अनुभव है। बुद्धि से समझ लिया, लेकिन कथा से उठकर बाहर गये नहीं कि रावण का सिर ज्यों का त्यों फिर निकल आया।
त्रिजटा ने कहा कि सिर के साथ भुजा भी कटे। इसका अभिप्राय क्या है ? भुजा क्या है ? भुजा कर्म का केन्द्र है। सिर विचार का केन्द्र है। समाज में लोगों का विचारपरिवर्तन होना चाहिए यह है रावण का, मोह का सिर कटना और आचरण-परिवर्तन हो जाय, इसका प्रतिक है भुजा कटना। लेकिन जैसे रावण के सिर काटने से फिर से सिर निकल आते थे, वैसे ही भुजाएँ काटने पर फिर से भुजाएँ निकल आती थीं। इसलिए त्रिजटा ने कहा था कि केवल सिर या भुजाएँ काटने से नहीं, इनके साथ ही ह्रदय पर भी प्रहार करना होगा, तब रावण की मृत्यु होगी और आगे चलकर बड़ा अनोखा प्रसंग आ गया।
.........आगे कल.....
सिर कटने का तात्पर्य क्या है ? बुद्धि की नासमझी, भ्रम एवं मोह। अगर समाज और व्यक्ति की बुराई के मिटाना है तो उसकी नासमझी, भ्रम तथा मोह को काट देना होगा, लेकिन समस्या यह थी कि जब भगवान राम रावण का सिर काटते थे, तो ऐसा नहीं था कि उसका कोई प्रभाव न होता हो, रावण का सिर काटकर गिर जाता था, पर अगले ही क्षण बड़ा आश्चर्यजनक दृश्य सामने आता था। रावण को नया सिर निकल आता था और हमारे आपके जीवन का भी यही अनुभव है। बुद्धि से समझ लिया, लेकिन कथा से उठकर बाहर गये नहीं कि रावण का सिर ज्यों का त्यों फिर निकल आया।
त्रिजटा ने कहा कि सिर के साथ भुजा भी कटे। इसका अभिप्राय क्या है ? भुजा क्या है ? भुजा कर्म का केन्द्र है। सिर विचार का केन्द्र है। समाज में लोगों का विचारपरिवर्तन होना चाहिए यह है रावण का, मोह का सिर कटना और आचरण-परिवर्तन हो जाय, इसका प्रतिक है भुजा कटना। लेकिन जैसे रावण के सिर काटने से फिर से सिर निकल आते थे, वैसे ही भुजाएँ काटने पर फिर से भुजाएँ निकल आती थीं। इसलिए त्रिजटा ने कहा था कि केवल सिर या भुजाएँ काटने से नहीं, इनके साथ ही ह्रदय पर भी प्रहार करना होगा, तब रावण की मृत्यु होगी और आगे चलकर बड़ा अनोखा प्रसंग आ गया।
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