अयोध्या में सारी समस्या कैसे उत्पन्न हुई । महाराज दशरथ के चरित्र में कमी के कारण । और वह कमी थी असंतुलित काम की । सौन्दर्य के प्रति आसक्ति तथा राग उनके जीवन में बहुत तीव्र था और उस राग का परित्याग वे अपने जीवन में नहीं कर पाए । इसी कारण उन्होंने दो और विवाह किए । उन विवाहों के पीछे उनके मन में यह तर्क था कि वे उत्तराधिकारी के लिए ही विवाह कर रहे हैं । पर उनके पूरे चरित्र को देखने से स्पष्ट हो जाता है कि उन्होंने कैकेयी के सौन्दर्य से आकृष्ट होकर ही विवाह की इच्छा की थी । उन्होंने सुन लिया था कि कैकेयी अत्यंत रूपवती है । और जब उन्होंने कैकय नरेश के सामने कैकेयी से विवाह करने की अपनी इच्छा व्यक्त की तो कैकय नरेश ने उनके सामने शर्त रखी कि मैं अपनी कन्या का विवाह आपसे तभी करुँगा, जब आप यह वचन दे देंगे कि मेरी कन्या के गर्भ से जन्म लेने वाला पुत्र ही अयोध्या के राजसिंहासन का उत्तराधिकारी होगा । तो इसका अभिप्राय क्या हुआ ? यह कि महाराज दशरथ के काम एवं महाराज कैकय के लोभ में समझौता हो गया और इसके बाद महाराज दशरथ का कैकेयी से विवाह हुआ ।
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