महाराज दशरथ और कैकेयी के विवाह में काम और लोभ के समझौते के बाद क्रोध की क्या स्थिति है ? मन्थरा कैकेयी की दासी है । वह कुरूप है, उपेक्षा की पात्र है और हीनवृत्ति से पीड़ित हैं । ऐसी स्थिति में मन्थरा कैकेयी के साथ अयोध्या में आती है । अयोध्या के लोग उसकी कुरुपता पर हँसते हैं । और उसका परिणाम क्या हुआ ? उसके मन में प्रतिक्रिया उत्पन हुई । वह चिड़चिड़ी हो गई । यह एक स्वाभाविक परिणाम है । इस चिड़चिड़ेपन के कारण लोग उसकी निन्दा करते हैं । लेकिन अगर विचार करके देखें तो कुरूप व्यक्ति को चिड़चिड़ा बनाता कौन है ? तो उसे चिड़चिड़ा बनाने का दोष तो दूसरे व्यक्तियों का ही है । जब हम किसी की कुरुपता पर हँसेंगे या व्यंग्य करेंगे, उसे उपेक्षा की दृष्टि से देखेंगे, हँसी का पात्र समझेंगे, तो क्या उसके मन में प्रतिक्रिया उत्पन नहीं होगी ? वह तो कोई बिरला ही व्यक्ति होगा, जो इस घृणा की वृत्ति में भी आनन्द ले ।
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