Thursday, 20 July 2017

युग तुलसी श्री रामकिंकर उवाच ......

बुरे विचारों के प्रति हमारा आकर्षण क्यों है ? इसका उत्तर इस रूप में दिया जा सकता है कि कई बार व्यक्ति को ऐसा लगता है कि अच्छे विचारों के लिए त्याग करना पड़ेगा, कष्ट सहना पड़ेगा और बुरे विचारों के माध्यम से हम अपने भोग और वासना को तृप्त कर सकेंगे । इसलिए आप पायेंगे कि बुरे विचार मर-मर कर फिर से जी उठते हैं । व्यक्ति का भोगों के प्रति ऐसा प्रबल आकर्षण है ! दूसरी ओर जीवन में अच्छे विचार तो आते हैं पर वे क्रियान्वित नहीं हो पाते । यदि उन्हें किसी तरह प्रारंभ भी कर दिया जाय तो पूरे नहीं हो पाते यही मानो देवताओं की मृत्यु की शाश्वत समस्या है ।

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