Thursday, 30 June 2016

युग तुलसी श्री रामकिंकर उवाच .......

ज्ञान और भक्ति के संदर्भ में यह प्रश्न उठाया गया है कि ज्ञानी को भक्ति की आवश्यकता है या नहीं ? गोस्वामीजी कहते हैं कि ज्ञानी को भी भक्ति की आवश्यकता है । क्यों ? ज्ञानी तो मुक्त हो गया, अब उसे भक्ति की क्या आवश्यकता है ? तो इसके उत्तर में एक दृष्टांत देते हुए कहते हैं - जैसे स्थल के बिना जल नहीं रह सकता, चाहे कोई करोड़ों प्रकार से उपाय क्यों न करें, वैसे ही मोक्षसुख भी भक्ति को छोड़कर नहीं रह सकता । गोस्वामीजी कहते हैं कि ज्ञान से मोक्ष तो मिलेगा पर मोक्ष-सुख की अनुभूति का आनन्द तो भक्ति से ही प्राप्त होगा ।

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