Friday, 25 August 2017

युग तुलसी श्री रामकिंकर उवाच .....

किसी सज्जन ने एक दिन मुझसे पूछ दिया कि वर्तमान काल में रामराज्य का निर्माण हो सकता है कि नहीं । मैंने उनसे यही कहा कि नहीं हो सकता ! क्योंकि न तो भगवान राम से पहले रामराज्य था और वही राम जब श्रीकृष्ण बनकर आए, तब भी रामराज्य नहीं बना पाए, तो अब कहाँ से बन पाएगा । आप तो बस थोड़ी देर के लिए भावराज्य में रामराज्य का आनन्द ले लीजिए । वस्तुतः यह द्वापर की जो भूमि है, उसके जो व्यक्ति हैं, वे रामराज्य या कृष्णराज्य के निर्माण में योगदान देने के योग्य हैं ही नहीं । इसका अभिप्राय है कि रामराज्य केवल भगवान नहीं बना सकते । यदि वे बना सकते तो वे हमारे ह्रदय में ही बैठे हुए हैं । अब ह्रदय में ही नहीं बना पाए तो बाहर क्या बना पायेंगे ! रामराज्य तब बनता है जब श्रीराम के साथ श्रीभरत हों, श्री हनुमान हों और श्री लक्ष्मण जैसे अन्यान्य पात्र हों ।

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