कैकेयी और मंथरा के संदर्भ में मूल कारण किसको कहा गया है ? देवताओं ने बुद्धि की देवी सरस्वती से निवेदन किया कि वे किसी तरह कैकेयी और मंथरा की बुद्धि को उलट दें। इसका अभिप्राय क्या है ? अच्छे और बुरे का निर्णय कौन करती है ? बुद्धि। और जिसकी बुद्धि ही उलट दी जाय, तो उसे सब उलटा दिखेगा। अच्छाई में बुराई और बुराई में अच्छाई दिखायी देने लगेगी। कैकेयी और मंथरा के जीवन में यही क्रम आपको दिखायी देगा। यह मंथरा कौन है ? मंथरा लोभ की प्रतीक है। लोभ से उसकी बुद्धि विकृत हो गयी है। पहले अपने लिए संग्रह, उसके बाद दूसरे के सुख को देखकर जलन। जब तक अपने सुख के लिए संग्रह का लोभ है, तब तक लोभ साध्य है ; पर जब दूसरों का सुख देखकर ईर्ष्या होने लगती है, तब वह कितना बड़ा अनर्थ कर बैठती है, यह मंथरा के जीवन में दिखायी देता है।
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