अयोध्या में भगवान राम के राज्याभिषेक की तैयारी चल रही थी कि अचानक एक बाधा उपस्थित हो गयी और उस समय रामराज्य का संकल्प पूरा नहीं हो सका । यह बाधा केवल त्रेतायुग की नहीं, आज की भी है । आज भी हमारे अनेक महापुरूष रामराज्य की स्थापना का संकल्प करते हैं, पर वह चरितार्थ नहीं हो पाता । इसका कारण क्या है ? जो त्रेतायुग का सत्य है, वही आज का भी सत्य हैं । जिन कारणों से त्रेतायुग में रामराज्य बनते-बनते रुक गया, उन्हीं कारणों से आज भी पूरी तौर से रामराज्य बनना संभव नहीं हो पाता और अन्त में जिस प्रक्रिया से त्रेतायुग मे रामराज्य बन पाया, उसी प्रक्रिया से जब हम चलेंगे, तभी हम क्रमशः इन दुःखों और समस्याओं का समाधान पा सकेंगे । अयोध्याकाण्ड में यही बात हमें सांकेतिक रूप से मिलती है । प्रारंभ कहां से होता है ?
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