Thursday, 19 October 2017

युग तुलसी श्री रामकिंकर उवाच ......

थोड़ा-सी असावधानी भी साधना को निष्फल कर सकती है । यही साधना की सबसे बड़ी समस्या है । किसान बड़े परिश्रम से खेत तैयार करे, बढ़िया बीज डाले और निराई करे और एक दिन जब फसल लहलहाने लगे तो जाकर सो रहे और उस समय आकर उसे पशु चर जाएँ ! अब दूसरे दिन आकर सिर पीटने से क्या लाभ ? इसी प्रकार साधना में थोड़ा-सी असावधानी से सर्वनाश हो सकता है । साधना में की गई भूल अक्षम्य है ।

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